फुटपाथ पर मौत --जिम्मेदार कौन ?
आज से १३ साल पहले फुटपाथ पर एक कार चढ़ गई और कुछ लोगोँ की जान चली गई । ऐसा पहली बार नहीँ हुआ हेै । १३ साल से पहले भी आैर १३ साल के बाद आज तक भी, हादसे होते रहे हैं आैर लोगों की जान लगातार जाती रही हेै। सर्वविदित हैे कि फुटपाथ यात्रियोँ की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैँ ताकि पैदल चलने वाले सुरक्षित रहेँ, लेकिन रात्रि मेँ यही फुटपाथ गरीब ,असहाय , बेघर के लिए रात्रि विश्राम के लिए बसेरा बन जाता है । दुर्घटना तो दुर्घटना है-- घटती जाती रही हेै , घटती रहेगी ,आैर लोगोँ की जान जाती रही है आैर जाती रहेगी । अब, प्रश्न यह है कि, क्या केंद्र सरकार ,राज्य सरकार,या स्थानीय निकाय इसके लिए दोषी नहीँ हैं ? मंत्री ,नेता या अधिकारी जब रात्रि मेँ अपनी चमचमाती कार से निकलते हेैं तो उन्हें फुटपाथ पर सोते लोग नजर नहीँ आते ? ऐसे बेघर लोगोँ के लिए क्या सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीँ हेै ? आैर यदि है तो फिर क्रियान्वन क्यों नहीँ हेै ? इस तरह की दुर्घटना के मामले मेँ सरकार / स्थानीय निकाय को भी बराबर का दोषी मानकर कठघरे में खड़ा करना चाहिए । आवश्यकता इस बात की है की समस्या का स्थाई समाधान हो ओैर किसी भी गरीब ,असहाय ,बेघर को अपनी जान से हाथ न धोना पड़े ।
आज से १३ साल पहले फुटपाथ पर एक कार चढ़ गई और कुछ लोगोँ की जान चली गई । ऐसा पहली बार नहीँ हुआ हेै । १३ साल से पहले भी आैर १३ साल के बाद आज तक भी, हादसे होते रहे हैं आैर लोगों की जान लगातार जाती रही हेै। सर्वविदित हैे कि फुटपाथ यात्रियोँ की सुरक्षा के लिए बनाए जाते हैँ ताकि पैदल चलने वाले सुरक्षित रहेँ, लेकिन रात्रि मेँ यही फुटपाथ गरीब ,असहाय , बेघर के लिए रात्रि विश्राम के लिए बसेरा बन जाता है । दुर्घटना तो दुर्घटना है-- घटती जाती रही हेै , घटती रहेगी ,आैर लोगोँ की जान जाती रही है आैर जाती रहेगी । अब, प्रश्न यह है कि, क्या केंद्र सरकार ,राज्य सरकार,या स्थानीय निकाय इसके लिए दोषी नहीँ हैं ? मंत्री ,नेता या अधिकारी जब रात्रि मेँ अपनी चमचमाती कार से निकलते हेैं तो उन्हें फुटपाथ पर सोते लोग नजर नहीँ आते ? ऐसे बेघर लोगोँ के लिए क्या सरकार के पास कोई कार्य योजना नहीँ हेै ? आैर यदि है तो फिर क्रियान्वन क्यों नहीँ हेै ? इस तरह की दुर्घटना के मामले मेँ सरकार / स्थानीय निकाय को भी बराबर का दोषी मानकर कठघरे में खड़ा करना चाहिए । आवश्यकता इस बात की है की समस्या का स्थाई समाधान हो ओैर किसी भी गरीब ,असहाय ,बेघर को अपनी जान से हाथ न धोना पड़े ।