*फूल और कांटे*
गुलाब के पौधे में असंख्य कांटे होते हैं , लेकिन फिर भी लोग इसे अपने घर के बगीचे में लगाना चाहते हैं और सर्वाधिक पसंद करते हैं ,आखिर क्यों ? कभी सोचा है आपने ?
एक होता है बबूल का पेड़ , कोई नहीं चाहता कि एक भी बबूल का पेड़ उसके आंगन में हो,क्योंकि उसमें कांटे ही कांटे होते हैं । मगर दुनिया में आए हैं तो जीना ही पड़ेगा की तर्ज पर ,उनको स्थान मिलता तो है लेकिन न घर में न गांव में और न ही शहर में । इनको जगह मिलती है सिर्फ और सिर्फ जंगल में ।हालांकि बबूल बिल्कुल ही नाकारा भी नहीं होता , पर्यावरण संतुलन में यह बहुत सहायक होता है लेकिन आम आदमी पर्यावरण के बारे में सोचता ही नहीं और कोई भी इन्हें जंगल से अपने आंगन में लाना नहीं चाहता ।
दूसरे पायदान पर ऐसे पेड़- पौधे होते हैं जो फूलों से लदे रहते हैं , देखने में बहुत सुंदर लगते हैं , लोगों का मन उन्हें देखकर प्रसन्न होता है । उनमें खुशबू रहे ना रहे , अपने घर के बगीचे में लगाना पसंद करते हैं । ऐसे फूलों की उपस्थिति दिल को सुकून देती है ।
तीसरे पायदान पर हम बात करते हैं ऐसे पौधे की जिसमें कांटे हैं और फूल भी । आप समझ ही गए होंगे,यह पौधा है गुलाब का । कांटो के होते हुए भी सर्वाधिक लोग इसे पसंद करते हैं और अपने घर के आंगन / बगीचे में लगाना चाहते हैं । किसी आदरणीय को गुलाब के फूलों की माला पहनाना चाहते है। यहां तक कि मंदिर में अर्पण के लिए भी गुलाब के फूल पहली पसंद है । इनकी सुंदरता ही नहीं , साथ में मनभावन खुशबू इसे बनाते हैं पहली पसंद।
गुलाब के पौधे की तुलना हम इंसान के गुणों से भी कर सकते हैं। गुलाब के पौधे में फूल भी हैं और कांटे भी । इसी प्रकार से हर इंसान में कुछ गुण होते हैं और कुछ अवगुण । गुण अधिक है या अवगुण, यही बात उस व्यक्ति की उपयोगिता निर्धारित करती है ।बबूल के जैसे ही कुछ इंसान होते हैं जिनमें गुण कम और अवगुण ज्यादा होते हैं । ऐसे इंसानों से लोग दूर रहना ही पसंद करते हैं क्योंकि उन्हें डर रहता है कि वे किसी भी बात पर उत्तेजित हो सकते हैं और ऐसी बातें कर सकते हैं जो नापसंद होंं और चुभने वाली होंं । हालांकि ऐसे व्यक्ति जहां पर हैं वहां उनकी उपयोगिता होती है ।
दिखने में सुंदर आकर्षक फूलों वाले पौधे भी होते हैं जिनमें महक नहीं होती। इसी प्रकार मीठी बोली बोलने वाले इंसानों की भी कमी नहीं है जिनके गुण नजर आते हैं लेकिन दुर्गुण छिपे रहते हैं । ऐसे लोगों से , लोग मिलना तो पसंद करेंगे लेकिन हर वक्त मिलेंं ऐसा नहीं चाहेंगे ।
इंसानों की ऐसी भी प्रजाति होती है जो आकर्षक तो होते ही हैं और गुणों की खान होते हैं उनमें कुछ अवगुण जरूर हो सकते हैं लेकिन उनको छुपाते नहीं , लोग उन्हें चाहते हैं,चाहते हैं कि उनके आसपास बने रहें । जिस तरह गुलाब के फूलों की खुशबू हमें महका देती है,उसी तरह से ऐसे लोगों से हमें प्रेरणा मिलती है, हमारा मन मुस्कुराता है और जीवन महक उठता है ।
तो फिर देर किस बात की--गुलाब की तरह ही महकिये और मुस्कुराइए।
स्वरचित--
सतीश गुप्ता 'पोरवाल'
मानसरोवर,जयपुर।