गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

अकालग्रस्त क्षेत्र का दौरा

अकाल ग्रस्त क्षेत्र में
 भूख से आक्रांत मानव को
देखने को मिलते हैं
रोटी की जगह
 अनेक अनजान चेहरे।
कुछ कवि और पत्रकार आये
 स्थिति पर सौ सौ आंसू बहाए
कवि की कविता और पत्रकार के लेखों को
 चोटी की पत्रिकाओं में स्थान मिला,
 और साथ ही भरपूर पारिश्रमिक मिला।
 कुछ चित्रकार भी आये
 दिल जिनके दुख से भर आये
 और तुरंत ही कल्पना में
 एक नई आकृति ने जन्म लिया ।
उनके चित्र प्रदर्शनी में रखे गये
और कुछ छपे भी
कोई चित्रकार है ऐसा लोग जान पाये।
 अकाल से निपटने को
 कई कोष खोले गये
सैकड़ों अधिकारी भी
 सेवार्थ भेजे गये
 इस अकाल में उनका
 सकाल आ गया ,
कईयों ने अपने बंगलों का
प्लान बना लिया ।
मंत्री जी को भी तो आना था
क्योंकि उनके आये बिना
 हर काम अधूरा रहता है
हां तो उनका भी दौरा हुआ ,
अकाल ग्रस्त क्षेत्र में
 पकवानों पर हाथ साफ हुए
 और मंत्री जी का ही नहीं
और भी कईयों का TA,DA पक्का हुआ।
लोग आते रहे
 स्थिति का जायजा लेते रहे
 पर उस नर कंकाल को मिला क्या,
 जिसकी आंखें तरस रही हैं
 देखने को रोटी का एक टुकड़ा ?
सिर्फ कुछ आश्वासन और सर्द आहें ।

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