लड़का लड़की को देखने का चलन था,
आखिर एक दिन वह दिन आ ही गया।
लड़की वाले सोफे पर जमकर बैठे थे,
ओर लड़के को चाय लेकर बुलाया गया।
लड़के को देख लड़की मुस्कुराई मंद मंद,
पकवानों पर हाथ साफ कर चाय सुड़क कर
अहसान करती बोली मुझे लड़का है पसंद।
फिर बोली लड़के को पिक्चर लेकर जाऊंगी
थोड़ा घूमाऊंगी ज्यादा फिराऊंगी साथ में ,
तभी तो उसको ठीक से समझ पाऊंगी।
लड़के को यूं लगा जैसे उसकी लग रही हो मंडी,
उससे बेचारे से तो किसी ने पूछा ही नहीं,
लेकिन मजबूरन उसने भी भी दे दी हरी झंडी।