आदर्शवादी बनने का
ढोंग रचाते हैं कुछ लोग
ढक देते हैं वे आदर्शवाद को
स्वार्थ की गहरी परतों में।
दामन आदर्शवाद का छोड़
पकड़ते हैं अवसरवाद का
और बन जाते हैं अवसरवादी ।
मानव हैं हम
फिर मानव मात्र की सेवा को
हटा दें हम आदर्शवाद पर छाई
स्वार्थ की गहरी पर्तों को।
संजो कर दिलों में गांधी का गांधीवाद
बन जाएं हम गांधीवादी ।
ढोंग रचाते हैं कुछ लोग
ढक देते हैं वे आदर्शवाद को
स्वार्थ की गहरी परतों में।
दामन आदर्शवाद का छोड़
पकड़ते हैं अवसरवाद का
और बन जाते हैं अवसरवादी ।
मानव हैं हम
फिर मानव मात्र की सेवा को
हटा दें हम आदर्शवाद पर छाई
स्वार्थ की गहरी पर्तों को।
संजो कर दिलों में गांधी का गांधीवाद
बन जाएं हम गांधीवादी ।
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