शुक्रवार, 31 जनवरी 2020

इस दुनिया में मैं क्यों आया

  इस दुनिया में मैं क्यों आया,
  क्यों दिल पर एक कोहरा सा छाया।
  दिल में क्यों हूक सी उठती है हरदम,
 क्यों होती है दुनिया में चिंता और तड़पन।
  खयालों के अंधड़ क्या हमसे कह जाते,
  सपनों के आंसू क्यों हमको तड़पाते ।
 अंधियारे में चमक जुगनू की क्या हमसे कह जाती,
  क्या इस चमक में दिख जाती आशा की चिंगारी।
  पतंगे खुशी से क्यों दियों में जल जाते,
  क्या अपने अरमानों को ऐसे पूरा करते।
  क्या होती है दुनिया में दुनियादरी,
 होती है क्या सच्चाई और ईमानदारी।
 ऐसे प्रश्नों की आंधी ले जाती मुझे उड़ाकर
  छोड़ेगी न जाने मुझे कहां ले जाकर
 क्या दुनिया में ही ंंइनके भाव पा जाऊंगा
  या दुनिया से बाहर ही समझ मैं इनको पाऊंगा

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