शनिवार, 22 अगस्त 2015

आखिर भरोसा करें, तो किस पर ?

आज के जमाने मेँ अपनी जान और माल की रक्षा करना एक भयानक सरदर्द से कम नहीँ है । हर कोई चाहता है कि कोई ऐसा साधन प्रयोग मेँ लाया जाए जो भरोसेमंद हो और अपनी जान माल की रक्षा हो सके । हमने भी कुछ इस तरह के साधन के बारे मेँ विचार किया ।
१)| सिक्योरिटी गार्ड--सिक्योरिटी गार्ड, मेन गेट पर तैनात रखना एक आम उपाय है । लेकिन हमने देखा कि जब आवश्यकता होती है, चोर लुटेरे घर मेँ घुसते हैँ तो सिक्योरिटी गार्ड या तो उनके सामने बेबस हो जाता है और इनकी बंदूक तो चलती ही नहीँ,क्योंकि कभी काम ही नहीँ आती और अभ्यास ही नहीँ किया जाता ।
२) अच्छी सी नस्ल का "डोग" घर मेँ पालना , जो ज्यादातर भोंकता रहे और पड़ोसियोँ को और आने जाने वालोँ को यह चेतावनी देता रहे कि खबरदार ! हमारे यहाँ प्रवेश न करना ।लेकिन पिछले दिनोँ हमने देखा कि मुंबई मेँ राज ठाकरे के जेम्स और बाँड मेँ से बाँड नाम के डोग ने राज ठाकरे की पत्नी का चेहरी इतनी बुरी तरह से नोचा कि चेहरे पर ६५ टांके लगाने पड़े एवं साथ मेँ प्लास्टिक सर्जरी भी करनी पड़ी ।
३)  बोलने वाला तोता--जो कुछ सिखाया जाता है वह उस तरह से बोलने लगता है । कुछ लोग बाहर दरवाजे के पास तोते का पिंजरा टांग देते हैँ और चोर आने पर वह चोर आया -चोर आया चिल्लाने लगता है और चोर डर कर भाग जाता है ।लेकिन , पिछले दिनोँ हमने देखा कि महाराष्ट्र के एक शहर में एक तोता , जब कोई महिला निकल रही थी तो तोता उसको गालियाँ देता था । उसने पुलिस मेँ रिपोर्ट की ,तोते से जांच जांच पड़ताल में बुलवाया गया तो उस तोते ने कुछ भी नहीँ कहा। ऐसे ही यदि तोते ने चोर के आने पर कुछ भी नहीँ कहा तो ?
४)  cctv कैमरा -- यह एक आधुनिक उपाय है जिसे आप सतत निगाह रख सकते हैँ कि कौन आ रहा है या आपकी अनुपस्थिति मेँ कौन आया था । लेकिन आज कल चोर लुटेरे सबसे पहले केमरे पर अपना कोट या गमछा कुछ टांग देते हैँ और आराम से अपना काम करके, लूटपाट करके अपना कोट या गमछा वापस ले जाना नहीँ भूलते ।
५)  मकान मेँ किरायेदार रखना--मकान में किराएदार रखने से यह होता है कि मकान मेँ सदस्यों की संख्या बढ़ जाने से सुरक्षा बढ़ती है साथ ही हमारी अनुपस्थिति मेँ वह घर का ख्याल रखता है । लेकिन कई दफा यह पाया गया कि किराएदार ही आप की अनुपस्थिति मेँ आपके माल पर हाथ साफ करके ,आपके आने के पहले ही गायब हो जाता है ।              अब आप ही बताइए कि हम कौन सा तरीका ,कौन सा उपाय या कौन सा साधन अपनाएं कि जान माल की अच्छी तरीके से सुरक्षा हो सके। अपना तो दिमाग काम नहीँ कर रहा है ,भाई ।अाखिर भरोसा करेँ तो किस पर ?

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