सोमवार, 30 जून 2014

प्याज - - - -प्याज - - - -प्याज - - --

प्याज  - - - -प्याज  - - - -प्याज  - - --
  प्याज ,प्याज ना हुआ ,कोई बड़ा आतंकवादी हो गया।सारे देश में प्याज का आतंक फैला हुआ है। जनता त्रस्त है ,सरकारें पस्त हैं ,प्याज कारोबारी मस्त है और मीडिया व्यस्त  है। बड़े -बड़े मंत्री ,सारे राजनीतिक दलों के नेता प्याज के बढ़ते दामों से चिंतित हैं। इतनी चिंता तो हमने इनके चेहरों पर कभी नहीं देखी। नक्सली समस्या ,इराक से भारतीयों को सुरक्षित निकाल लाना,रेल दुर्घटना में कमी लाना ,बाढ़ से होते नुकसान को रोकना ,बांध से लापरवाही से पानी छोड़ने से रोक कर जान-माल की हानि रोकना,जनता को शुद्ध हवा पानी और भोजन कैसे मिले ,इसकी व्यवस्था करना  ,छात्रों को नए सत्र में कोई परेशानी न हो-यह सुनिश्चित करना ,आदि --आदि --आदि ;  ये समस्याएं तो कोई समस्या नहीं है -जब चाहेंगे चुटकी में सुलझा लेंगे ,लेकिन अभी तो भरी भरकम "प्याज"की समस्या से निपटना है।
    भारत की जनता भी बेचारी क्या करे --यदि एक सप्ताह भी प्याज नहीं खाया तो ,बहुत बड़ा अनर्थ हो जावेगा। उनकी मान -मर्यादा मिट्टी में मिल जाएगी ,पाचन -शक्ति बिगड़ जाएगी ,शरीर दुबला -पतला हो जायेगा,कई बीमारियां घर कर जाएँगी। संक्षिप्त में कहें तो यह -की यदि एक सप्ताह भी प्याज नहीं खाया तो 'भूचाल आ जायेगा।         देखिये तो सही ,प्याज को एक बार अपने हाल पर छोड़ कर ,देखिये तो सही। 

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