मंगलवार, 1 मार्च 2022

सूरज निकला है

 *सूरज निकला है*


 घने बादलों की ओट से ,

 सूरज निकला है , 

  जब सूरज निकला है तो ,

  ग्लेशियर भी पिघला है ।

 कुछ अपनों ने वादा किया ,

  बरसों-बरस हमको भरमाया,

  सूरज तो छोड़ो ,

  चांद भी ना दिखलाया।

 हम तो बस तारों की तरह,  

    टिमटिमाते रहे ,

 सपने दिखा दिखाकर

बस हमें भरमाते रहे ।

 अब जब निकला है सूरज,

  हम इसकी ताकत बढ़ाते रहें, 

  सभी अपनों को ,

  अपना बनाते रहें।

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