*एक बार फिर से मुलाकात हो जाए*
अरसे से दिल में छुपा कर रखी थी
राख बनी चिंगारी जो दबा रखी थी।
आम वह बात आज हो जाए,
एक बार फिर से मुलाकात हो जाए।
वफा ही करते रहे बेवफा न हुए,
यादों से तेरी कभी जुदा न हुए।
मेरा दिन कहीं रात न हो जाए,
एक बार फिर से मुलाकात हो जाए।
हर राह तेरी ओर ही मुड़ती है,
हर पल यादों की धूल उड़ती है।
चाहे बुला ले या अकस्मात हो जाए,
एक बार फिर से मुलाकात हो जाए।
गम से कब तक गमगीन रहें,
तू ही बता कब तक हीन रहें।
अब आंसुओं की बरसात हो जाए,
एक बार फिर से मुलाकात हो जाए।
अब कोई राज,राज न रहे,
दिन,दिन ही रहे,रात न रहे।
अब तो तू ही मेरी हमराज हो जाए,
एक बार फिर से मुलाकात हो जाए।
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