*लौट जाएंगे हम तुम्हारे बिना*
जिंदगी के साथ आए,
जिंदगी के साथ रहे चार दिना।
आएगा जब अंत समय,
लौट जाएंगे हम तुम्हारे बिना।
ए जिंदगी तू ही तो है,
जिसने नाना खेल खिलाये।
कब कहां कैसे क्या करना,
ये सारे भेद हमें सिखाये।
कभी हमें मुसीबत में डाला,
कष्टों की लाई बयार।
कभी जब चाहा तुमने,
खुशियों की लाई बहार।
हमने तो कभी न चाहा,
आना है इस दुनिया में।
फूल भी हैं और कांटे भी,
ऐसे ही इस बगिया में।
हमने भी तुझे बहुत कुछ दिया,
तूने ही दिया,ए जिंदगी यह न गिना।
तेरा साथ निभाया जिंदगी भर,
अब लौट जाएंगे ए जिंदगी,हम तुम्हारे बिना।
Mssa
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