रविवार, 6 जून 2021

नव वर्ष का अभिनंदन

 🏵️ नव वर्ष का अभिनंदन 🏵️   

   गत को करें नमन ,

 आगत का अभिनंदन ।

  साथ रहे हैं कुछ अपने ,

 कुछ अपने भी हुए पराये।

  दूरी क्यों है हमसे ,

अब तक समझ न पाये। 

 फिर भी हम ह्रदय से 

करते हैं सबको वंदन,

  गत को नमन ,

 आगत का अभिनंदन ।


  विधाता जो था दयालु ,

 क्यो हो चला था क्रूर ।

 छीन ले गया अपनों को,

 अपनों से बहुत ही दूर ।

फिर भी नव आशा को 

 ताक रहे सबके नयन,

  गत को करें नमन ,

 आगत का अभिनंदन ।


छोड़-छाड़ सब द्वेष-विद्वेष 

 नव निर्माण का आगाज करें,

  मन का मैल मिटाकर 

झंकृत मन का साज करें ।

 काम करें सब मिलकर ऐसा

 जीवन वन बन जाए उपवन,

 गत को करें नमन ,

 आगत का अभिनंदन।

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