तराने बहुत हैं, गुनगुनाने की चाहत तो हो,
सरगम बसी हो दिल में, तो कोई राहत तो हो।
गमों की पोटली तले जब दिल हो जाए बोझिल,
छेड़ दो जो कोई तराना, तो खुश हो जाए दिल।
हर रोज जो दिन होता है तो रात भी तो होगी ही,
खुशी की ही क्यों, गम की भी बात तो होगी ही।
खुशहाल जो हो जिंदगी,तो लुटा दो खुशी का खजाना,
आज ही जी लो जी भर के,कल को किसने जाना।
सपने जो देखो तो उन्हें पिरोकर एक कहानी बना दो,
मुस्कुराती,खिलखिलाती सी खुशनुमा जिंदगानी बना दो।
जिंदगी में जिंदगी जीने को,एक नहीं, कई कई बहाने हैं,
दिल में जो गुनगुनाने की चाहत हो,तो कई कई तराने हैं।
Mssa
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