उनकी यादों से कहो मुझे छोड़कर न जाएं ,
किसी भी हाल में मुख मोड़कर न जाएं।
उनकी यादों का ही तो अब मुझे सहारा है ,
जिनकी यादें साथ हों लगता वही हमारा है।
क्या बताऊं यादें उनकी होती हैं इतनी खूबसूरत,
आंखें बंद करूं तो नजर आती है उनकी मूरत।
ये ही यादें उनकी, कानों में गीत गुनगुनाती हैं,
रातें तो बेचैन हों मगर दिन को तो बनाती हैं।
जब भी खो जाता हूं मैं यादों में उनकी,
याद आता है चुलबुलापन बातों में उनकी।
वो यदि आएं तो ठीक और न आयें तो जाने दो,
पर न रोको इनको, यादों की उनकी तो आने दो।
Mssa/ video
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें