शनिवार, 12 जुलाई 2025

आया सावन झूम के-

 चारों ओर जमीं पर छाई है देखो हरियाली 

मुझे को बता दे तू  किसकी बनेगी घरवाली

बहका --- हो

 बहका रे मन मेरा डोला रे मन मेरा

बहका कि मंच गई धूम रे

के आया सावन झूम के- 2


काली काली घटा भी देखो घिर‌ आई

तेरे मेरे बदन को छूकर चले पुरवाई 

महका --- हो

महका  रे तन तेरा महका रे मन मेरा

महका के मच गई धूम रे 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें