शूर तुम वीर तुम, दुश्मनों के लिए शमशीर तुम,
जब तक न हो वार कोई तब तक बनो धीर तुम।
जिनकी क्रोध दृष्टि देख छूट जाए कंपकपी,
ऐसे रणबांकुरों के मस्तक का हो अबीर तुम।
देश प्रेम का सागर हिलोरें मार रहा जहां,
रग-रग में ऐसा जोश आकर भर रहा कहां।
गीत जब कोई गुनगुनाने लगे देशभक्ति का,
कानों में गूंजे देश राग, समां बन जाये खुशनुमा।
न समझो हमें भीर, शांति के दूत हैं हम,
दुश्मनों की कुटिल चाल पर यमदूत हैं हम।
हम दो नहीं ,चार नहीं ,दस बीस ही नहीं,
तुम्हारी चालों को नाकाम करने को अकूत हैं हम।
देश के जन-जन को नाज हमारे वीर जवानों पर,
दुश्मन का पहरा नहीं हो सकता,हमारे अरमानों पर।
सीमा पर शौर्य देख तुम्हारा, दुश्मन भी घबराये,
ऐसे शूरवीर तुम, खेल जाते हो अपनी जानों पर।
Mssa
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