चलो एक बार फिर वहीं लौट चलें,
जिस दहलीज को पार कर के,
नए जीवन में प्रवेश करते हुए ,
रंगीन सपने संजोये थे।
कहते हैं प्यार में कोई शर्त नहीं होती,
पर याद करो उन सात वचनों को,
जिन्हें निभाने का सिर्फ मैंने ही नहीं,
तुमने भी किया था वादा ।
मिलने को तो गुण मिल गए थे,
लेकिन यथार्थ में नहीं मिल पाए।
तुमने बस अपने गीत गाए,
और मैंने भी अपने ही गीत गाए।
इस तरह कैसे जिंदगी बसर होगी,
न तो तुम्हें संतोष मिलेगा,
ना ही मुझे खुशी होगी।
चलो एक बार फिर,
हम दोनों अजनबी बन जाएं।
जो हो गया हो उसे भूल जाएं।
तुम्हारी कमियों को,
मैं नजर अंदाज करूं,
और मेरी कमियों को तुम।
चलो एक बार फिर,
दहलीज के उस पार चलें,
और नए सिरे से फिर,
नए जीवन में प्रवेश करें।
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