सोमवार, 30 अक्टूबर 2023

 गुमसुम सी खड़ी थी मैं अपने दर पर 

अचानक से ये मुझे क्या हो गया 

होश हवास खो बैठी मैं 

जब मुझे वो चांद कह के गया। 


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