सोमवार, 10 जुलाई 2023

सुख के सब साथी -- कविता

 यह भी एक अजब पहेली है,

 सुख आता नहीं दुख जाता नहीं।

 जो चाहते हैं वह मिलता नहीं,

जो मिलता है  वह भाता नहीं। 

 जो ना हो सके रूहानी है, 

जो न बन सके वह कहानी है। 

जिंदगी है कभी कष्टों भरा  सफर,

 और कभी जिंदगी सुहानी है। 

सुख-दुख के इस सफर में,

सुख के सब साथी हुए।

 दुख में चलता चले अकेला,

 सुख में सब बाराती हुए। 

जिंदगी सुनसान सा सफर नहीं, 

   समझो जिंदगी एक मेला है। 

 इस मेले में कोई मौत का कुआं,

  तो कोई बन गया झूला है।

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