*सभी नए संचालकों का अभिनंदन*
प्रसन्नता की बात है कि सभी नए मनोनीत संचालकों ने "स्ट्रीमयार्ड" पर 'लाइव' करना सीख लिया है।
*लेकिन संचालक बनने के लिए इतना ही काफी नहीं है कि 'स्क्रीन' पर 'लाइव' आकर बस थोड़ी बहुत बातचीत कर ली। कार्यक्रम का संचालक एक जहाज के कप्तान की तरह होता है जिसे जहाज को, गंतव्य तक , राह में आई किसी भी तरह की बाधाओं को पार करते हुए / यात्रियों को व्यस्त रखते हुए और सभी की सुविधाओं ख्याल रखते हुए , पहुंचाना होता है।
*कार्यक्रम के दौरान कभी-कभी प्रतिभागी का 'internet' बाधित हो जाता है , संचालक को चाहिए कि वह इस दौरान प्रतिभागी की कही हुई बातों का विश्लेषण करे , कोई शेर /मुक्तक / कविता सुना दे।साथ ही यही बात प्रतिभागी को भी समझा दें कि वह भी , ऐसे समय में, ऐसा ही करे।
* कार्यक्रम के दौरान संचालक द्वारा सिर्फ इतना कहना ही काफी नहीं है कि आपका स्वागत है /आप कुछ सुनाइए / अपने बारे में कुछ बताइए आदि, बल्कि प्रतिभागी की बात में से बात निकाल कर उसका विश्लेषण करना /अगला संबंधित प्रश्न कर देना चाहिए।
*निर्बाध रूप से, बिना अटके हुए, बोलने का अभ्यास होना चाहिए। अपने घर पर ही यह मानकर कि आपके सामने एक दो या तीन प्रतिभागी ,अदृश्य रूप से , बैठे हुए हैं ,सवाल जवाब करते रहें ।
* पूरी तरह अभ्यास हो जाने के उपरांत , फिर से 'स्ट्रीमयार्ड' पर 'लाइव' आकर अपने आपको निपुण संचालक सिद्ध कर दें।
(अभी बस इतना ही)https://streamyard.com/p59dyxb84x
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