#मानसरोवर साहित्य अकादमी
#दैनिक प्रतियोगिता
#मानसरोवर साहित्य अकादमी के प्रति - -
#दिनांक : 25/2/23
यूं तो कहने को अपना है सारा जहां,
पर ऐसा प्यार और सम्मान और कहां।
हमारी है यह मानसरोवर काव्य अकादमी,
यहीं मिलती है हमें लिखने की ज़मीं।
होती हैं यहां पर नई नई प्रतियोगिताएं,
पूरी होती है नित्य लिखने की तमन्नाएं।
यहीं पर होती हैं काव्य गोष्ठियां और सम्मेलन,
दूर से ही चाहे पर हो पाता है आपसी मिलन।
खूब फले फूले हमारी खुशियों का संसार,
जब मिले यहां से सम्मान अथाह अपार ।
स्वरचित 'सतीश गुप्ता'पोरवाल',जयपुर।
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