राह में कांटे बिछे हजार हों,
कोई भी हमदर्द आसपास न हों,
बात पते की एक मान लो,
कभी उदास न हो।
मानव जीवन जीने को मिला,
कभी न हो जीवन से गिला,
कर्त्तव्य पथ पर जो चलते चले,
कभी तो इसका मिलेगा सिला।
एक एक दिन का हिसाब न हो,
हर दिन चाहे खास न हो,
उम्मीदों का दामन थाम लो,
कभी उदास न हो।
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