# खुशियों का दीप जलाएं
स्वरचित
सतीश गुप्ता 'पोरवाल',जयपुर।
दुखती रग को सहलायें,
मलिन चेहरों पर मुस्कान लायें,।
भूखे पेट को भोजन दिलाएं
खुशियों का दीप जलाएं।
सबके मन में हो समता का भाव,
स्वच्छ सरल हो सभी का स्वभाव।
आओ हाथ से हाथ मिलाएं ,
खुशियों का दीप जलाएं।
हर घर की देहरी हो खुशहाल,
कोई न हो देश में फटे हाल।
माली हालत सबकी सुधारें,
खुशियों का दीप जलाएं।
स्वस्थ तन और स्वस्थ मन हो,
सभी के हृदय में खुशियां भरी हों।
सभी दिवाली भरपूर मनाएं
खुशियों का दीप जलाएं।
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