मैं उपवन की एक कली हूं,
मुझे खिलने दो मुझे खिलने दो मुझे खिलने दो।
पढ़ लिख कर बढ़ना है आगे,
मुझे पढ़ने दो मुझे पढ़ने दो मुझे पढ़ने दो।
दुनिया में लड़की को क्यों बदनाम किया,
लड़के का तो आगे नाम किया।
मैं भी करना चाहूं बहुत कुछ,
कहानी ऐसी मुझे गढने दो मुझे गढ़ने दो मुझे गढ़ने दो।
क्यों हमको सब ठेल रहे,
क्यों गड्ढे में धकेल रहे।
मुझको भी आगे बढ़ना है ,
मुझे बढ़ने दो मुझे बढ़ने दो मुझे बढ़ने दो।
मैं भी उड़ना चाहूं उन्मुक्त रूप से,
इस विशाल से फैले आकाश में,
मेरे पंखों को ना नोचो,
मुझे उड़ने दो मुझे उड़ने दो मुझे उड़ने दो।
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