इस भूमंडल में जरा देखिए,
कहां नहीं है बेटियां।
जहां जहां नजर डालो,
वहां वहां हैं बेटियां ।
इस धरा के हर कोने पर,
हर क्षेत्र में है बेटियां।
भूभाग पर ही नहीं ,
अंतरिक्ष में भी नाम लिखाती बेटियां।
सागर की गहराई या पर्वत की ऊंचाईयां,
हर जगह इतिहास बनाती हैं बेटियां।
घर में मां की सहायक बनतीं,
पापा को भी राह दिखाती बेटियां।
माता-पिता से शिक्षा पाकर,
संस्कारित होती बेटियां।
ससुराल में जाकर भी,
परिवार का मान बढ़ाती बेटियां।
स्वयं बेटी,मां,दादी,नानी ही नहीं,
इस संसार की जननी होती हैं बेटियां।
न होतीं नवरात्र में नौ देवियां,
न होतीं जो जगत में बेटियां।
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