बुधवार, 29 मार्च 2023

चलो कोई बात नहीं- कविता

 कोई तो बात थी तुम में,

 जो हम नजरें हटा ना सके।

 एक नजर भी न देखो तुमने हमें,

- - - चलो कोई बात नहीं।

 हमने चाहा था तुम्हारा साथ,

  साथ साथ चलेंगे हम दोनों।

तुमने एक कदम भी गवारा न किया,

- - -  चलो कोई बात नहीं।

 फूल तुम्हें भेजा हमने खत में,

 खत के तो कई टुकड़े कर दिए।

 फूल को सजा दिया फूलदान में,

- - - चलो कोई बात नहीं।

 किसी न किसी से तो होगी तुम्हें मोहब्बत,

हम भी तुम्हारी तिजारत  करते हैं।

तुमने तो एक पल भी मुस्कुराकर न देखा,

- - -  चलो कोई बात नहीं।

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