शनिवार, 18 मार्च 2023

नीरज जी का गीत

 गीत जब मर जाएंगे फिर क्या यहां रह जाएगा,

एक सिसकता आंसुओं का कारवां रह जाएगा। 

 आग लेकर हाथ में पगले जलाता है किसे,

 जब न यह बस्ती रहेगी तू कहां रह जाएगा। 

 गर चिरागों की हिफाजत फिर उन्हें सौंपी गई,

 रोशनी मर जाएगी खाली धुआं रह जाएगा। 

  आएगा अपना बुलावा जिस घड़ी उस पार से,

  मैं कहां रह जाऊंगा तू कहां रह जाएगा।

   जिंदगी और मौत की नीरज कहानी है यही,

  फुर्र हो जाएगी चिड़िया आशियां रह जाएगा।

  गीत जब मर जाएंगे -----

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