शुक्रवार, 17 मार्च 2023

इक अजनबी हसीना से--गाना

  हमने उसको देख लिया ,

 उसने हमको देख लिया ,

    देख रहे थे दूर से ही हम। 

लब जो हिले तो फिर , ऐसा लगा तो फिर, जैसे फिर बात हो गई,

  इक अजनबी हसीना से- - 2

 चांद तारों में कहीं,

इन नजारों में कहीं,

 छुप गई वो मिलती नहीं।

देखा हमने सारा जहां, ढूंढा उसे यहां वहां, न जाने कहां खो गई।

एक अजनबी हसीना से ----- 

खूबसूरत था समां, 

झुक रहा था आसमां, 

मंद हवा भी बहने लगी।

 उसे  जो छुआ तो फिर,बाहों में लिया तो फिर ,जाने क्यों बरसात हो गई ,

एक अजनबी हसीना से- - - 

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