*आओ ना होली खेलेंगे*
और कोई हो ना हो,
तुम मुझे और मैं तुम्हें रगेंगे,
आओ ना होली खेलेंगे।
तन्हाई की बात अब छोड़ो,
आपस में मेलजोल बढ़ेंगे।
दूर दूर रहकर क्या मिलेगा,
खुशी मिलने में बरसों लगेंगे।
आओ ना होली खेलेंगे।।
आज तो ऐसे रंगो चेहरे,
कि देखकर लोग डरेंगे।
कितनी भी खलिश रही हो,
आज तो हम तुम गले मिलेंगे।
आओ ना होली खेलेंगे।।
राग-द्वेष रहे ना अब कभी,
ऐसे हमारे दिल मिलेंगे।
मिल-जुल कर रंगों की बौछार करेंगे,
ऐसे ही हर त्यौहार मनेंगे।
आओ ना होली खेलेंगे।।
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