गुरुवार, 13 अप्रैल 2023

सागर जैसी आंखों वाली - गाना (संशोधित)

 हो, चेहरा है या चाँद खिला है

ज़ुल्फ़ घनेरी शाम है क्या

सागर जैसी आँखों वाली

ये तो बता तेरा नाम है क्या


चेहरा है या चाँद खिला है

ज़ुल्फ़ घनेरी शाम है क्या

सागर जैसी आँखों वाली

ये तो बता तेरा नाम है क्या


 जब से देखा तुझको जानम,

 क्या-क्या ख्वाब सजे दिल में।

 रातों में तो नींद नहीं 

सपने देख रहे थे दिन में।


 सपनों का तो छोर नहीं है, 

 एक दरिया सा बह जाए।

 दिल में जो फूल खिला है,

 वह एक गुलशन बन जाए।


 दिल तुझ पर आ ही गया,

 अब तू ही बता यह राज है क्या।

 सागर जैसी आंखों वाली यह तो बता तेरा नाम है क्या 

 तेरी खातिर छोड़ दिए अब,

 सब अपने बेगाने हुए ।

दिल में राज छुपे थे जो,

 वो सब अफ़साने हुए।

  सामने आकर नजर मिला ले, 

    मिलने से क्यों डरती है ,

  तेरे लिए तो प्रेम की धारा ,

 झर झर करके बहती है। 

 अब तू ही बता दे मुझको,

 नाम तेरा गुमनाम है क्या

सागर जैसी आंखों वाली यह तो बता तेरा नाम है क्या 

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