शनिवार, 15 अप्रैल 2023

बैचेन दिल- कविता

 मेरे बेचैन दिल को कभी तो करार आएगा, 

 वह कभी तो मेरे पास होकर बेकरार आएगा।

 वह पल होगा कितना हसीन सोच रहा हूं मैं,

जब उसके आने से मेरा जीवन संवर जाएगा। 


 कितनी हसरतें जीवन में पाल रखी थी मैंने,

 बड़े जतन से दिल में संभाल रखी थी मैंने।

 उसे शायद अंदेशा भी न हो इस बात का, 

   अपनी हसरतें अभी तलक जवान रखी थी मैंने।

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