शनिवार, 15 अप्रैल 2023

राज श्री का प्रयोग- कविता

 सुना है राज श्री नया आयाम दे रहा है,

  अपने रचनाकारों को पैगाम दे रहा है।

 हर एक कर रहा है यहां अपनी कीर्ति स्थापित,

  और हो रहा है काव्य जगत में आच्छादित ।

 बढ़ाया है कलमकारों को देकर अलग मान,

  सब पा रहे हैं संस्था से भरपूर सम्मान।

राज श्री की है कोशिश मिले सबको खूब पहचान,

  चढ़ते जाएंगे एक के बाद एक कई पायदान। 

 मुश्किल राहें हर एक की  हो रही यहां आसान,

  वह दिन दूर नहीं जब कई  तो छू लेंगे आसमान।

 नई-नई प्रतियोगिता कर, कर रही नया आगाज, 

  रचनाकारों को आगे बढ़ने को दे रही आवाज। 

 राज श्री दैनिक कार्यों से होती शुभ प्रभात, 

  शुभ प्रभात से ही होती दिन की शुरुआत। 

अपने मन की,अपने दिल की रखते यहां सब बात,

कविता ग़ज़ल गीत कहानी से कहते मन के ज़ज्बात।

 राज श्री उमंगों की है बन रही नया सवेरा,

  ये ही उमंगें कर रहीं सबके दिलों में बसेरा।

 दे रहे अपना समय,सभी सदस्य पूर्ण सहयोग,

  खूब सफल रहा है राज श्री का य़ह प्रयोग।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें