सुन भाई मुन्ना, बबलू और गुड्डू,
क्या तुमने भी खाये शादी के लड्डू।
मैंने तो सुना है कि
ये लड्डू जिसने भी खाये,
वे अपने जीवन में जरूर पछताये।
और जिसने नहीं खाये वे भी पछताये।
यदि अभी तक नहीं खाया तो,
मेरी बात मानकर सावधान हो जाओ
और यदि खा लिया है तो
पत्नी के सामने नादान हो जाओ।
नहीं पड़े जो तुम जो शादी के जतन में,
पंछी बन उड़ते फिरो मस्त गगन में।
शादी कर ली तो होती रहेगी बीबी से खटपट
बच्चे भी दिन प्रतिदिन पैदा करते रहेंगे झंझट।
हमसे तो रहा नहीं गया और खा लिया,
इस लड्डू ने तो बड़ी मुसीबत में डाल दिया।
या तो आजादी से जीवन जीने की करो कामना,
या फिर शादी का लड्डू खाकर करो मुसीबतों से सामना।
बीबी तुम्हारी कभी कपड़े धुलवायेगी,
और कभी-कभी बर्तन भी साफ करवाएगी।
कभी सिर्फ खिचड़ी और दूध दलिया खिलाएगी
लेकिन हां कभी-कभी तो हलवा भी खिलाएगी
शॉपिंग खूब करके तुम्हारी जेब हल्की करेगी,
लेकिन कभी बीमार पड़े तो तुम्हारी सेवा भी करेगी।
मर्जी तुम्हारी है शादी का लड्डू खाओ ना खाओ भैया,
क्या बताएं हमने तो खा लिया दैया रे दैया।
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