छूटा - छूटा रे पीहर का अंगना,
मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।
छूटा -छूटा रे पीहर का अंगना,
मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।
चाहे संग हो गए मेरे सजना,
मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।
कैसे कैसे पढ़ी कैसे कैसे लिखी,
प्यारी-प्यारी सहेलियों से मिली।
याद आये वो सावन में झूलना,
मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।
छूटा छूटा रे --
मां की ममता मैं यणकैसे भुला दूं,
पिता का प्यार कैसे भुला दूं।
याद आए वो आंगन बुहारना,
मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।
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