गुरुवार, 4 मई 2023

पीहर का अंगना- गीत

  छूटा - छूटा  रे पीहर का अंगना, 

  मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।

 छूटा -छूटा रे पीहर का अंगना,

  मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।

चाहे संग हो गए मेरे सजना,

 मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना। 

कैसे कैसे पढ़ी कैसे कैसे लिखी,

प्यारी-प्यारी सहेलियों से मिली।

 याद आये वो सावन में झूलना,

  मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना। 

छूटा छूटा रे ‌--

मां की ममता मैं यणकैसे भुला दूं,

 पिता का प्यार कैसे भुला दूं।

 याद आए वो आंगन  बुहारना, 

मेरे बाबुल मुझे तू न भूलना।


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