आत्मा के सौंदर्य का शुद्ध रूप है काव्य,
मानव होना भाग्य है कवि होना सौभाग्य।
कवि हृदय में भावनाओं का सागर हिलोरे लेता है,
लहर की तरह भाव नाना तरह के संदेश देता है।
जैसे सुंदर फूल चुनकर मनभावन माला बनाई जाती है,
धागों जैसे शब्दों को चुन कर कविता की चुनरी बुनी जाती है।
कवि हृदय व्यक्ति कभी भावना शून्य नहीं हो सकता,
वह कभी भावनाओं के जाल से मुक्त नहीं हो सकता।
कवि समुद्र की गहराई में जाकर मोती चुन कर ला सकता है,
और पर्वत की ऊंचाइयों पर जाकर संजीवनी ला सकता है।
हृदय की गहराइयों से ऐसे भाव उत्पन्न होते हैं,
मां की कोख से जैसे शिशु जन्म लेते हैं।
शुद्ध काव्य आत्मा के अंतर तल से आकार लेता है
श्रोताओं को एक अनोखा, मनभावन उपहार देता है।
असंख्य जीव हैं इस दुनिया में कोई लघु कोई जैष्ठ है,
अंततः यही कि मानव होना बेहतर है पर कवि होना श्रेष्ठ है।
Ckkk
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