पिया तुझे तरस नहीं आये,
मेरे नयन नीर भर आये ।
रात रात भर करवट बदलूं,
मुझे नींद न आये।
नींद अगर आ जाए तो,
सपने में तुझको ही देखूं
सपना जब झूठा निकले,
हो उदास मैं , उठ बैठूं
पिया तुझे - - -
कल जब पनघट पर थी,
पूछ रही थीं सखियां सारी,
चिट्ठी पत्री ही आयेगी,
या खुद ही , आएंगे सैयां
पिया तुझे - - -
सुबह से शाम तक,
निराश हो जाऊं,
कोशिश कर के हारी,
दिल के दर्द , रोक न पाऊँ
पिया तुझे तरस नहीं आये,
मेरे नयन नीर भर आये
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