बुधवार, 21 दिसंबर 2022

नयन नीर भर आये-- गीत

 पिया तुझे तरस नहीं आये,

 मेरे नयन नीर भर आये ।

रात रात भर करवट बदलूं,

मुझे नींद न आये।


नींद अगर आ जाए तो,

 सपने में तुझको ही देखूं 

 सपना जब झूठा निकले,

  हो उदास मैं , उठ बैठूं

पिया तुझे - - - 


कल जब पनघट पर थी,

पूछ रही थीं सखियां सारी,

चिट्ठी पत्री ही आयेगी,

या खुद ही , आएंगे सैयां

पिया तुझे - - - 


सुबह से शाम तक,

 निराश हो जाऊं,

कोशिश कर के हारी,

 दिल के दर्द , रोक न पाऊँ

पिया तुझे तरस नहीं आये,

  मेरे नयन नीर भर आये

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