गुरुवार, 29 दिसंबर 2022

मुख में राम-- कविता

दुनिया में क्या-क्या करतब करते हैं लोग,

 मुख में राम बगल में छुरी रखते हैं लोग।

जो नहीं करना वही करते हैं लोग,

दुनिया को धोखे में रखते हैं लोग।


जो करना हो वही करने मे क्या जाता है,

जो दिल में होता है वही बाहर आता है ।

इस दुनियां में सम्मान पाता है वही,

 जो लोगों के दिल में समाता है।


सुख उन्हीं के आस पास मंडराता है,

प्यार भी सभी का भरपूर पाता है। 

जो मुख में राम बगल में छुरी नहीं,

जो दिल में है वही दर्शाता है।


 जो मन मे है वही करना है तो करें,

फिर जो जग से सुनना है तो सुनें। 

बेहतर तो होगा सफल जीवन के लिये,

स्पष्ट और पारदर्शी रास्ता ही चुनें।

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