मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

दिल - लघु कविता

 कोई बताए कैसे काबू में रखें दिल को, 

 यह दिल तो संभाले नहीं संभलता।

  कोशिश भी कर लो चाहे मुट्ठी में बंद करलो,

  मुट्ठी से रेत की मानिंद फिसलता।


   हमारा  दिल हमने आपको दे दिया,

   अब आपका दिल हमको चाहिये। 

    या तो आप हमारे पास आओ,

    या फिर हमको वहां बुलाइये ।


कोई बताए कैसे काबू करें कमबख्त दिल को,

 यह तो संभाले नहीं संभलता संगदिल सुन लो।

 दिल ही दिल में सोच चुके थे दिल देने का,

 अब सोच विचार न करो मुझे चुन लो।


  उस दिन दिल दे दिया था दिलदार को,

 उसी दिन उसने उछाल उछाल कर तोड़ दिया। 

 अब क्या अकेली ही अठखेलियाँ करूं,

बेदर्दी, बेवफा ने बेवजह ही मेरा साथ छोड़ दिया।

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