शुक्रवार, 16 दिसंबर 2022

जिंदगी में अब बचा क्या है -- कविता

 कतरा कतरा हो चुकी जिंदगी को 

अब कैसे संवार लूं। 

अब तू ही बता ऐ जिंदगी 

जिंदगी में अब बचा क्या है ।


बहुत कुछ किया मैंने,

तुझे करीने से जीने के लिए 

क्या क्या न किया अमृत पीने के लिए 

अब जीवन ही मेरे लिए सजा है ।


जो जी रहे हैं खुलकर 

 वे न मर रहे हैं घुटकर

सांसों पर सांसे भरे जा रहे हैं 

जिंदगी उनके लिए मजा है 


खुशमिजाजी भरी जिनके दिलों में, 

जिंदगी का मजा वे ही ले रहे हैं।

 तू भी ले ले जिंदगी का ऐसा ही मजा, 

दुनिया से आ रही ऐसी सदा है। 

न सोच कि जिंदगी में अब बचा क्या है





Ab

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