मंगलवार, 27 दिसंबर 2022

आंसू-कविता

अपनी आंखों में अविरत आंसू आने दो,

गहरे ग़मों को गहराई में गुम हो जाने दो।

 कौन था,क्यों था,किसलिए क्रोधित हुआ, 

 जान से ज्यादा,जी से न लगाओ,जाने दो।

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