ईश्वर की बनाई इस सृष्टि में,
ढूंढने निकला था मैं फरिश्ते।
पर अंत में इस नतीजे पर पहुंचा,
यहां पर हैं सब मतलबी रिश्ते।
हां यहां जरूर कोई किसी का है,
जब उसका हो कोई मतलब।
और जब निकल जाए मतलब,
तो फिर दिखा जाते हैं करतब।
वैसे तो इस जग में हैं अनेक रिश्ते,
कुछ तो कहलाते हैं खून के रिश्ते,
कुछ होते हैं सांसारिक रिश्ते।
और जो बच गए वे मतलबी रिश्ते।
इस दुनिया में क्या दो-चार भी नहीं हैं,
क्या किसी में कोई सदाचार नहीं है।
अब क्या कहें कुछ कह नहीं सकते,
यहां पर तो हैं सब मतलब के रिश्ते।
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