मेरी तकदीर लिखने वाले तूने कोई कसर नहीं छोड़ी,
कोशिश बहुत की मेरी जीने की आस तूने तोड़ी।
लेकिन मैं ठहरा जीवट किस्म का इंसान ,
अपने दम पर पा लिया मैंने इसका निदान।
कर रहा हूं मैं अपनी बुद्धि औ समय का इस्तेमाल,
संवार लूंगा मैं अपनी जिंदगी का हर पल हर हाल।
जी तोड़ मेहनत भी मेरी कभी तो रंग लाएगी,
एक दिन तो मुझे अपने खुशनुमा दिन दिखाएगी।
मेरी तकदीर लिखने वाले तू देखता रह जाएगा,
यह बंदा अपनी तकदीर कविता की तरह लिखता चला जाएगा।
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