गुरुवार, 5 जनवरी 2023

पैसे का भूत-' कविता

खाली दिमाग शैतान का घर होता है,

उसे जो नहीं करना वही करना होता है। 

 ऐसे शैतान से आखिर क्यों कुछ कहना,

 यदि कहा तो फिर पड़ेगा तुम्हें सुनना।


 किसी के दिमाग में भूसा भी भरा होता है,

 उसे तो बस अन्न छोड़ घास ही चरना होता है।

 जरा जरा सी बात पर वह भड़कता है,

 अपने आपको तीस मारखां समझता है।


किसी के पास आसानी से पैसा आ जाता है,

तो उसका दिमाग आसमान पर चढ़ जाता है।

 दिमाग में पैसा ही पैसा घूमता रहता है,

 रह रह कर पैसे को ही चूमता रहता है।


जब सिर पर पैसे का भूत सवार हो जाता है,

 तो ऐसा व्यक्ति मान मर्यादा भूल जाता है।

ऐसे व्यक्ति के दिमाग से पैसा निकाल दिया जाए,

 तो सच है वह आसमान से धरातल पर आ जाए।

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