मंगलवार, 31 जनवरी 2023

भारत का रहनेवाला--गीत (स्वरचित अंतरे)

 जंग छिड़ी है दुनिया में,

एक दूजे के प्यासे हैं - - - 

जनता भूखी प्यासी वहां,

 पर लड़ते जाते हैं - - -

 हमने जनता को सुखी किया-2

 मैं बात यही बतलाता हूं,

 भारत का रहने वाला हूं- - -


कितने ही देवी देव यहां,

उन सब को पूजा जाता है- - - 

 नफरत का तो नाम नहीं,

  यहां प्यार सभी पर आता है- - - 

  जिसे देख ले  अब सारी दुनिया -2

 वही दर्पण सब को दिखाता हूं,

 भारत का रहनेवाला हूं - - -


यहां दिलों में कोई भेद नहीं,

 हर दिल यहां पर गाता है- - - 

 गीत जहां भी शुरू हुआ,

  संगीत वहां मिल जाता है-- - -

 जब गीत यहां पर लिख ही लिया,

  मैं नित नित गीत सुनाता हूं,

 भारत का रहनेवाला हूं - - -

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