सतीश गुप्ता पोरवाल ,जयपुर
#100 शब्दों की कहानी
# मतभेद
महेश के पिताजी के देहांत के बाद उनका खेत, एक सरकारी योजना के अंतर्गत सरकार ने अपने अधीन कर लिया और उसका मुआवजा महेश को दे दिया। महेश ने अपनी दो विवाहित बहिनों को,बंटवारे के अंतर्गत 30-30% हिस्सा दे दिया एवं स्वयं 40% रख लिया।दोनों बहिनों को यह नागवार गुजरा और नाराज रहने लगीं। भाई और बहिनों के बीच मतभेद उभर आए थे। महेश के चाचा ने उन दोनों बहिनों को समझाया कि देखो तुम दोनों बहिनों की शादी में पैसा महेश ने ही लगाया अतः उसका इतना तो हक बनता है। मतभेद दूर हो गये।
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