जिंदगी के हर कदम पर हर मोड़ पर मुस्कुराए जा,
सुन मेरे भाई जीवन की माला में खुशियों के मोती पिरोए जा।
दुनिया यह जाल है उलझ न जाऊंगा,
सामने पहाड़ है टकरा न जाऊंगा।
ऐसा न सोच यह तो बातों का जाल है,
सामने तो तिल है पर लगता पहाड़ है।
अरे सपनों से न डर सपने तो अपने हैं,
तू व्याकुल से दिल में सपनों की महफिल सजाए जा।
सुन मेरे भाई- - - -
पीड़ा का द्वार आए उसे न बंद कर,
बाहों में बल है उससे तू द्वंद कर।
पीड़ा हट जाएगी रास्ता दिख जाएगा,
सपनों की मंजिल को तब ही तू पाएगा।
मुसीबतें तो बहुत हैं जीवन की राहों में,
रुकना न भूलकर उनसे तू टकराए जा।
सुन मेरे भाई- - -
दुनिया की बातों से क्यों तू डर रहा,
अमृत के प्याले को समझ क्यों जहर रहा।
रास्ते अनेक हैं दुनिया के मेले में,
फिर क्यों तू पड़ रहा एक ही झमेले में।
साज़ों के ढेर हैं इन्हें ना देख तू,
अपने ही दिल का साज तू बजाए जा।
सुन मेरे भाई- - - -
समय तेरे साथ है उससे तू प्यार कर,
राह तुझे दिखाएगा उससे न तकरार कर।
बढ़ता ही जा मंजिल को पा जाएगा,
पीछे न देख वरना पिछड़ तू जाएगा।
बढ़ गया है आगे तू राहों को पार कर,
पर पिछड़े हैं जो उन्हें भी गले से लगाए जा।
सुन मेरे भाई- - -
कंचन की दुनिया में व्याकुल हो तू खड़ा,
जान रहा हूं किस मोह में है तू पड़ा।
निर्मोही हो कितने ही पापों कि यह जड़ है,
मानव की राहों में यही तो एक अड़चन है।
निगाहें हटा ले चाहत न इसकी कर,
माया का भाव आये उसे तू ठुकराए जा।
सुन मेरे भाई - - - -
बातों के जाल से हवाई किले न बना
बातों से होता क्या यह मुझे न सुना।
कर्म कर मर्म इसका जान ही ले,
जो अब तक खोया उसे अब पा ही ले।
बहुत कुछ खोया चोट दिल पर आई होगी,
गम न कर चोटिल दिल को होले होले सहलाए जा।
सुन मेरे भाई- - - -,
दुनिया है यह समझ न इसको पाएगा,
सोचेगा जितना उतना ही उलझ तू जाएगा।
दुनिया चाहेगा जैसी बन जाएगी,
तेरे ख्वाबों की झोली खुशियों से भर जाएगी।
गम जो आए अगर गमगीन न हो,
मेरी तरह तराने झूम के सुनाए जा।
सुन मेरे भाई जीवन की माला में, खुशियों के मोती पिरोए जा।
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