सोमवार, 21 नवंबर 2022

हंसता हुआ चेहरा --कविता

 हंसता हुआ चेहरा जब भी नजर आता है,

लगता है जैसे खुशी की खबर लाता है।

 आतुर रहते हैं सभी उनसे मिलने के लिए,

 मिलकर उनसे खुशी से खिलने के लिए।


 लोग अक्सर गमों के तले दब जाते हैं,

  चेहरे उनके चमकने के बजाय बुझ जाते हैं।

 किसी को भी पसंद नहीं होता ऐसा चेहरा,

 कोई भी नहीं बांधना चाहता उसके सिर पर सेहरा।


 हम तो चाहें किसी के चेहरे पर न चिंता  रहे,

 मरने की इच्छा कभी ना हो जिंदा रहे।

 गम कितने भी आ जाएं जिंदगी में,

 जिंदगी ना कटे उनकी शर्मिंदगी में।


 गमगीन रहकर गम के तराने ना गुनगुनाये,

, झूम झूम कर खुशी के ही नगमे सुनाये।

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