मंगलवार, 1 नवंबर 2022

रिश्ते जीवन के आधार --लेख

 किसी भी चीज के टिके रहने के लिए आधार जरूरी है। आधार जितना मजबूत होगा तो वह चीज उतनी ही स्थिरता, सुगमता से और अधिक से अधिक समय के लिए टिकी रहेगी। 

 आइए इस चीज को रिश्ता समझ कर , इसी संदर्भ में हम आगे बात करते हैं ।

 हम देखते हैं कि रिश्ते कुछ तो होते हैं  और कुछ बनाए जाते हैं । रिश्ते जो होते हैं वे हमारे जन्म के साथ जुड़े हुए  होते हैं और जो बनाए जाते हैं उनका जन्म के बाद सृजन होता है । सभी  रिश्तो में मिठास की  अत्यंतआवश्यकता होती है। लेकिन आज के परिवेश में हम देखते हैं कि रिश्ता कोई सा भी हो,कभी न कभी किन्ही के बीच दरार आने लगती है। और अति होते टूट भी जाते हैं। आखिर क्यों होता है ऐसा?

 निस्वार्थ भाव से,बिना किसी दंभ 

 के,दूसरे को सम्मान देते हुए, धैर्य धारण करते हुए , हम चलते चलें तो ये रिश्ते अटूट हो जाते हैं। लेकिन देखा जाता है कि किसी न किसी में , किसी न किसी प्रकार की कमी आ जाती है और और रिश्ते दरकने शुरू हो जाते हैं। 

  आवश्यकता इस बात की है कि सभी रिश्तो को संभाल कर रखें और किसी भी तरह से न दरकने लगें और टूटन तक न पहुंचे । 

रिश्तो में हिमालय सी ऊंचाई और सागर सी गहराई है।

 सही में रिश्ते,  हमारे जीवन के आधार हैं।

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